कोर्ट – प्रदूषण मुक्त करने के लिए उठाएं तत्काल कदम

मुंबई : कहा जाता है कि, गोदावरी नदी 2015 में नासिक में हुए कुंभ मेले और अन्य धार्मिक कारणों से प्रदूषित हो गई है।मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि, वह गोदावरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए।
न्यायाधीश ए.एस. ओक और ए.के. मेनन ने सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य में गोदावरी सहित दूसरी नदियों और अन्य जल क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त बनाने पर ध्यान दे। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि, वह कोर्ट द्वारा गठित एक निगरानी समिति को एक स्थाई यूनिट बनाकर उसे पर्याप्त धन उपलब्ध कराए और उसे इस क्षेत्र में काम करने दे। इस समिति को नदियों का प्रदूषण रोकने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण इंजिनियिरंग संस्थान (नीरी) की सिफारिशों को क्रियांवित करने दिया जाए।
कोर्ट ने यह निर्देश एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है जिसे सामाजिक कार्यकर्ता ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि, गोदावरी नदी में प्रदूषण का प्रमुख कारण ‘शाही स्नान’ था जो 2015 में कुंभ मेले के दौरान हुआ था। याचिका में नदी को साफ करने की मांग की गई है। गोदावरी नदी नासिक जिले से निकलती है।

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