भीमा कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ, सुरक्षा के किये गए पुख्ता इंतजाम, कई नेता हिरासत में

महाराष्ट्र : भीमा कोरेगांव युद्ध के 201 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पुणे में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में लाखों की संख्या में दलित इकट्ठा होंगे। ऐसे में इस बार प्रशासन इस कार्यक्रम को देखते हुए पूरी तैयारी कर रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं जिससे कि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके। बड़ी संख्या में पुलिस बल को भीमा कोरेगांव में तैनात किया गया है। माना जा रहा है कि भीमा कोरेगांव में लाखों की संख्या में लोग प्रदेशभर से इकट्ठा होंगे।
पुलिस ने भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और सात अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही मलाड, घाटकोपर, कांदीवली, दादर, वर्ली से 350 एक्टिविस्ट को भी गिरफ्तार किया गया था।
भीमा कोरेगांव की 201 वीं वर्षगांठ को देखते हुए चंद्रशेखर आजाद को मनाली के एक होटल में नजरबंद किया गया है और उनपर किसी भी रैली को संबोधित करने की पाबंदी है। उनके सहयोगी सुनील गायकवाड़, बालराज दाभड़े, सचिन बट्टेबहादुर, अखिल शाक्य, प्रवीण बनसोदे को भी इसी होटल में नजरबंद किया गया है। राज्य सरकार ने इसके साथ ही राइट विंग लीडर संभाजी भिड़े, मिलिंद एकबोटे, लेफ्ट एक्टिविस्ट एनजीओ, कबीर काला मंच पर भी पाबंदी लगा दी है। बॉबे हाई कोर्ट में राज्य सरकार ने याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने भीमा कोरेगांव का पूरा नियंत्रण राज्य सरकार को दिया है जिससे कि भीमा कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ पर किसी भी तरह की कोई अनहोनी ना हो।

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