महेश आनंद: अभिनेता,निर्माता,डांसर और एक फाइटर।

महेश आनंद एक अभिनेता और निर्माता हैं, जिनका जन्म १३ अगस्त १९६१ को हुआ था। महेश आनंद की माता तारा देवी थीं जिन्होने १९४०
और १९५० में बॉलीवुड की फिल्मो में काम किया है,उनकी मृत्यु तब हुई थी जब महेश आनंद केवल 2 वर्ष के थे। बॉलीवुड में प्रवेश करने से पहले महेश आनंद टॉप मॉडल थे और साथ ही महेश आनंद के पास “Tae Kwon Do “में एक ब्लैक बेल्ट है। अपने कैरियर से पहले के दौरान दुनिया भर के कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया। उनकी बड़ी बहन “उषा” जिनकी शादी जब महेश आनंद ७ वर्ष की थे तब ही हो गयी थी। महेश आनंद के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं कि वो एक ट्रेंड डांसर भी थे। महेश आनंद ने कई कार्यक्रमों में अपने डांस का जलवा भी दिखाया था।

बी. सुभाष की फिल्म “Tarzan” की पहली पसंद थे महेश आनंद। लेकिन नए चेहरे की तलाश में थे बी.सुभाष। थानेदार (१९९०), आया तोफान (१९९९) और प्यार किया नहीं जाता (२००३) के लिए जाने जाते है महेश आनंद। उन्होंने कई फिल्मों में मुख्य खलनायक की भूमिका निभाई थी।
महेश आनंद ने अमिताभ बच्चन, गोविंदा, मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त जैसे अभिनेताओं के साथ गंगा जमुना सरस्वती और शाहंशाह (१९८८), मजबूर (१९८९), थानेदार (१९९०), बेताज बादशाह (१९९४), कूली नं.१ (१९९५), विजेता (११९६), लाल बादशाह, आया तूफान (१९९९), बागी और कुरुक्षेत्र (२०००), प्यार किया नहीं जाता (२००३) जैसी फिल्मों में काम किया था।
पूर्व पत्नी मिस इंडिया इंटरनेशनल (१९८७) एरिका मारिया डिसूसा ​​हैं। उनकी शादी १९८७ में हुई थी। वह अब एरिका डे सूसा के नाम से जानी जाती हैं और टोरंटो, ओंटारियो, कनाडा में एक पंजीकृत नर्स हैं। पहले वह फ्लोरिडा में रहती थी फिर वैंकूवर बी.सी. में रहने लगी। महेश आनंद ने एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा से साल १९९२ में शादी की थी। बाद में उन्होंने साल २०१५ में रसियन लेडी लाना से शादी रचाई। महेश आनंद का नाम एक्ट्रेस काटी ईरानी से भी जुड़ा था।
महेश आनंद का एक बेटा है जिसका नाम त्रिशूल आनंद है, जो अभी अन्थोनी वोहरा के नाम से जाने जाते है, १९८९ में जन्म लिया था जब फिल्म “तूफ़ान” शूट की जारी थी। वह अब विदेश में टोरंटो, ओंटारियो, कनाडा में बसे हैं। वह अपने पिता महेश के रूप में अच्छे दिखते है।
वो अभी एक “Gourmet Chef” है।
साल १९९० में खबर आई थी कि महेश आनंद ने रोड पर सो रहे तीन लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी थी। खबर के अनुसार यह हादसा अमिताभ बच्चन के घर के सामने हुआ था। वो अमिताभ बच्चन ही थे जो बाद में महेश आनंद को सभी कानूनी परेशानियों से बचने के लिए मदद किया था।
“Cine Blitz” पत्रिका के जून १९९२ के संस्करण में, महेश आनंद के पार्ट टाइम एस्कॉर्ट होने के बारे में एक लेख प्रकाशित हुआ था। महेश आनंद ने बताया था के नौकरी के लिए १०,००० मिले थे। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह उनकी खराब वित्तीय स्थिति थी जिसने उन्हें अंशकालिक नौकरी स्वीकार कर लिया। महेश आनंद का जीवन भी काफी मुफलिसी में गुजरा था। बीते शनिवार ०९ फेब्रुअरी २०१९ को अपने घर पर मृत पाए गए।

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