मुंबई में डॉक्टरों का फल बेचो आंदोलन हुआ शुरू

रेजिडेंट डॉक्टरों ने मानदेय न मिलने को लेकर मुंबई में भी फल बेचकर प्रतिरोध जताया। यह आंदोलन औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ था, जहां रेजिडेंट डॉक्टरों ने कॉलेज के बाहर फल बेचे थे। डॉक्टरों की मानें तो जब तक प्रशासन उनकी समस्या नहीं सुलझाता, राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर फल बेचो आंदोलन जारी रखेंगे।
महाराष्ट्र असोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर (मार्ड) के सदस्यों ने सुबह करीब 10 बजे बीएमसी के सायन अस्पताल के बाहर फल बेचे। इस दौरान सैकड़ों डॉक्टरों ने प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। डॉक्टरों ने बताया कि, राज्य के 1 हजार रेजिडेंट डॉक्टरों को लंबे समय से मानदेय नहीं मिला है। इतना ही नहीं, तीन साल से मानदेय में बढ़ोतरी भी नहीं हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि, सरकार ने हमेशा आश्वासन दिए, समाधान नहीं।
बता दें कि राज्यभर में 4 हजार रेजिडेंट डॉक्टर हैं, जो विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अपनी पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों को उपचार देते हैं। मार्ड के सेंट्रल अध्यक्ष डॉ. लोकेश चिरवटकर ने कहा, ‘सरकार के उदासीन रवैये के कारण डॉक्टरों को फल बेचने पर मजबूर होना पड़ गया है। औरंगाबाद से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे राज्य में चलेगा। अब जे.जे. अस्पताल और इसके बाद केईएम और दूसरे मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर फल बेचेंगे। उन्होंने कहा कि, फल से मिलने वाले पैसों को हम उन 1 हजार रेजिडेंट डॉक्टरों को देंगे, जिन्हें करीब दो महीने से मानदेय नहीं मिला है।’
मार्ड से जुड़े सदस्यों ने कहा कि, प्रशासन कई बैठक होने के बाद भी मानदेय बढ़ोतरी को लेकर हमें केवल आश्वासन दिया जा रहा है। इस बारे में एक बार फिर से डीएमईआर के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। अगर इस बार भी फैसला नहीं हुआ, तो मजबूरन हमें रास्ता रोको आंदोलन करना होगा। बता दें कि मार्ड के डॉक्टरों को दूसरे राज्य के रेजिडेंट डॉक्टरों का सपोर्ट मिला है।

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